Home » Uncategorized » पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर आस्था का सैलाब: 23 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, प्रशासनिक सतर्कता से माघ मेला रहा सुरक्षित व सुव्यवस्थित

पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर आस्था का सैलाब: 23 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, प्रशासनिक सतर्कता से माघ मेला रहा सुरक्षित व सुव्यवस्थित

पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर आस्था का सैलाब: 23 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, प्रशासनिक सतर्कता से माघ मेला रहा सुरक्षित व सुव्यवस्थित

 

माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का सैलाब संगम तट की ओर उमड़ पड़ा और दिन भर में लगभग 23 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए सभी वरिष्ठ अधिकारी कल रात्रि से ही मेला क्षेत्र में डटे रहे। वरिष्ठ अधिकारियों में अपर पुलिस महानिदेशक श्री संजीव गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री अजय मिश्र, मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर प्रयागराज श्री जोगिंदर सिंह, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा, अपर पुलिस आयुक्त श्री अजयपाल शर्मा, मेलाधिकारी श्री ऋषिराज तथा मेला पुलिस अधीक्षक श्री नीरज पांडेय लगातार मेला क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे और आवश्यक निर्देश देते रहे।

 

प्रशासन द्वारा की गई सतर्क, सुनियोजित एवं समन्वित व्यवस्थाओं के परिणामस्वरूप पौष पूर्णिमा का प्रथम स्नान पर्व  बिना किसी अप्रिय घटना के सकुशल संपन्न हुआ तथा सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।

 

 

माघ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस वर्ष कई नवाचार किए गए। 17 नंबर पार्किंग से लेकर लेटे हनुमान जी मंदिर तक प्रारंभ की गई गोल्फ कार्ट सेवा का लगभग 9500 हजार श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को निःशुल्क सेवा भी उपलब्ध कराई गई। इस सेवा से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा प्राप्त हुई।

इसके साथ ही विभिन्न पिकअप प्वाइंट से माघ मेला क्षेत्र के निकटतम पार्किंग स्थलों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित रैपिडो बाइक सेवा के माध्यम से लगभग 10 हजार बुकिंग की गईं, जिससे श्रद्धालुओं को कम समय में सुगमता के साथ मेला क्षेत्र तक पहुंचाया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों की सतत उपस्थिति, प्रभावी निगरानी एवं नवाचारों के चलते पौष पूर्णिमा का प्रथम स्नान पर्व पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल रूप से संपन्न हुआ, जिससे श्रद्धालुओं में संतोष एवं विश्वास का भाव परिलक्षित हुआ।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *